वाल्मीकीय रामायण ( ४५/३७-३८ ) के अनुसार, वरुण की पुत्री वारूणी (सुरा की अभिमानिनी देवी) को दैत्यों ने ग्रहण नहीं किया इसलिए वे "असुर" कहलाये और सुरा सेवन करने के कारण ही देवता "सुर" कहलाये।
इन शब्दों का अर्थ कब और कैसे उलट गया , मुझे ज्ञात नहीं ।
118. Disputes relating to ownership and possession
13 years ago

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